चलो बीच से ही शुरू करते हैं ,
छोड़ो न शुरू से शुरू करने की बात ,
जहाँ छूट गया था सिलसिला ,
उसका अब क्या करना गिला .....
तेरी - मेरी उन बातों का ,
उन हंसी मुलाकातों का ,
चाँद - तारों की रातों का ,
चलो बीच से ही शुरू करते हैं ,
छोडो न शुरू से शुरू करने की बात ......
.वक़्त है कहाँ पीछे मुड़ने का ,
तुमने क्या कहा ,
मैने क्या सुना ,
उलहानो- तानों से दूर ,
अपेक्षाओं - उपेक्षाओं से परे ,
अहं- अभिमान से वर्जित ,
तेरे - मेरे प्यार से सुसज्जित ,
चलो बीच से ही शुरू करते हैं ,
छोड़ो न शुरू से शुरू करने की बात ......छोड़ो न .....
छोड़ो न शुरू से शुरू करने की बात ,
जहाँ छूट गया था सिलसिला ,
उसका अब क्या करना गिला .....
तेरी - मेरी उन बातों का ,
उन हंसी मुलाकातों का ,
चाँद - तारों की रातों का ,
चलो बीच से ही शुरू करते हैं ,
छोडो न शुरू से शुरू करने की बात ......
.वक़्त है कहाँ पीछे मुड़ने का ,
तुमने क्या कहा ,
मैने क्या सुना ,
उलहानो- तानों से दूर ,
अपेक्षाओं - उपेक्षाओं से परे ,
अहं- अभिमान से वर्जित ,
तेरे - मेरे प्यार से सुसज्जित ,
चलो बीच से ही शुरू करते हैं ,
छोड़ो न शुरू से शुरू करने की बात ......छोड़ो न .....

