Friday, May 7, 2010

audhre sapne

एक टुकड़ा धूप,
थोड़ी सी छाँव.
ज्यादा तो नहीं चाहा,
पर पूरी न हुई .
जिन्दगी इसी का नाम है .
अधूरे ही सही कुछ सपने ,
पूरे तो हुए .