Tuesday, July 26, 2011

Tum mere ho

तुम , सिर्फ अहसास हो कि नहीं ..
तुम , मेरे आस - पास हो कि नहीं ..
तुम , मात्र एक ख्याल हो कि नहीं ...
तुम , मन की आस हो कि नहीं ...
तुम , होठों की मुस्कान हो कि नहीं ..
तुम,शीतल मंद बयार हो कि नहीं ..
तुम , पन्नो मे दबा गुलाब हो कि नहीं ..
तुम, कही ठहरा वक़्त हो , हो कि नहीं ..
तुम , न होकर भी मेरे हो ,हो कि नहीं .....!!!! 

7 comments:

  1. very well said......amazing thoughts....keep it up.

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  2. बेहतरीन।
    -------------
    कल 29/07/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  3. बहुत बढि़या ...।

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  4. बहुत खूबसूरत प्रस्तुति , सुन्दर भावाभिव्यक्ति , आभार

    कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारें

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