Wednesday, April 4, 2012

no Sorry ...no thank you ..



Sorry यार आज फिर भूल गया ,
क्या करूँ याद ही नहीं रहता ..
ज्यादा देर से तो नहीं खड़ी तू ..
अरे , कोफी ही मंगवा लेती ,
यह साला , शर्मा भी न .
last मिनट पर काम पकड़ा देता है ,
अब मूवी का टाइम तो निकल गया ..
चल माल ही चलते हैं ...
अगली बार कसम से ज़रूर ध्यान रखूंगा.......
चल जाने दे ,मैने उसे रोकते हुए कहा ,
प्यार में क्या Sorry ..क्या thank you ,
हर बार की तरह इस बार भी टाल गयी ..
" हाय जान ,तेरी यही बात तो मुझे बहुत पसंद है ",
वह मस्त window display देखने लगा
और मैं मूक सी उसे ,
न कोई सवाल ,
न कोई जवाब ,
न कोई रोक- टोक ,
न कोई बंधन ,
कितना खुला सा रिश्ता हमारा ,
फिर भी कितना बंधा - बंधा ,
शाम के एक कोने की चादर पकड ,
उड़ चली तेरे साथ - चाँद के पार
पूरी चादर लपेटकर , नहीं करना चाहती ,
अपनी उड़ान को बोझल ..
आज भी वही कोना अपनी तर्जनी पे लपेट ,
उडती हूँ .....क्यूंकि प्यार मैं no Sorry ...no thank you .....


7 comments:

  1. POONAM JI ,

    SACH KAHA PYAR MAIN " NO SORRY -- NO THANKU "
    SIRF AUR SIR PYAR

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  2. सही कहा ………सुन्दर अभिव्यक्ति

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  3. अच्‍छे शब्‍द संयोजन के साथ.....सुंदर प्रस्तुति

    संजय भास्कर
    आदत....मुस्कुराने की
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  4. This comment has been removed by the author.

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  5. बढ़िया रचना,बहुत सुंदर प्रस्तुति,....


    MY RECENT POST...फुहार....: दो क्षणिकाऐ,...

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