Wednesday, September 18, 2013

एक पल

एक पल मे कितनी साँसे ,
कितनी साँसों मे कितनी धड़कन ,
कितने धडकनों मे तेरा नाम .....
गिनो ...सुनो,.... गिनो न..................!!
एक छन मे कितने लम्हे ,
हर लम्हे मे कितने सपने ,
उन सपनों मे भी सपने ,
हर सपने मे तेरा नाम ,
गिनो ...सुनो ,...गिनो न.............!!
 

9 comments:

  1. नमस्कार आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शुक्रवार (20-09-2013) के चर्चामंच - 1374 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

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  2. गिना...अनगिनत बार गिना.....
    तुम और सपने बुनो न....

    :-)
    अनु

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  3. वाह क्या बात कही आपने

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  4. बेहतरीन अभिवयक्ति.....

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  5. बहुत ही सुन्दर पोस्ट |

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